19.4 C
Bhopal
spot_img

प्रदोष व्रत किस-किस तरीके से रख सकते हैं?

Date:

Share:

प्रदोष व्रत हर महीने की शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। ये व्रत भगवान शिव को समर्पित है। कहते हैं जो भी भक्त सच्चे मन और नियम के साथ ये उपवास रखता है उसकी मनचाही कामना पूरी हो जाती है। लेकिन अब सवाल ये आता है कि इस व्रत को रखने के नियम क्या हैं यानी आप किस-किस तरीके से ये व्रत रख सकते हैं, यहां हम इसी बारे में आपको बताएंगे।
शास्त्रों अनुसार प्रदोष व्रत तीन तरीके से रखा जा सकता है – निर्जला, फलाहारी और एक समय भोजन करके। आप अपनी श्रद्धानुसार किसी भी तरीके से प्रदोष व्रत उठा सकते हैं। चलिए आगे जानते हैं इन तीनों तरीकों के बारे में विस्तार से आगे।
निर्जला प्रदोष व्रत: यह प्रदोष व्रत सबसे कठिन होता है क्योंकि इस दौरान न तो कुछ खाया जाता है न ही पिया जाता है। यानी ये व्रत निर्जला रखा जाता है। शाम में प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने के बाद ही भक्त अन्न और जल का सेवन करते हैं।
फलाहारी प्रदोष व्रत: कई श्रद्धालु फलाहारी प्रदोष व्रत ही रखते हैं। इसमें अन्न का सेवन न करके सिर्फ व्रत वाले भोजन का ही सेवन किया जाता है। इस तरीके के प्रदोष व्रत में कोई दिन में कभी भी फलाहारी भोजन का सेवन कर लेता है तो कोई-कोई सिर्फ शाम की पूजा के बाद ही व्रत वाला भोजन करता है।
एक समय भोजन वाला प्रदोष व्रत: इस तरीके के प्रदोष व्रत में भक्त दिन में फलाहारी भोजन करते हैं तो वहीं शाम की पूजा के बाद एक समय अन्न का सेवन कर लेते हैं।

Subscribe to our channel

━ more like this

साइबर-फोरेंसिक क्षेत्र में प्रशिक्षण और अनुसंधान बढ़ेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में डिजिटल प्रणालियों का उपयोग जिस गति से बढ़ रहा है , उसी गति...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय सारंगपुर गाथा का विकास एवं विमोचन किया

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में सारंगपुर की प्रमुख उपलब्धियों...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा प्रज्वलित विकास की रोशनी पूरे देश में फैल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रज्वलित विकास का दीपक पूरे देश में फैल रहा है। यह...

लाड़ली बहनों के खातों में पहुंची 40वीं किस्त आगर-मालवा जिले की 1.13 लाख से अधिक बहनें भी हुईं लाभान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य की प्रिय बहनें लाभार्थी नहीं बल्कि लाभ कमाने वाली बन रही हैं। नारी शक्तिकरण केवल नारों...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 13 सितंबर को आगर मालवा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की 40वीं किस्त का अंतरण...
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here