पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर को हेली (हेलीकॉप्टर) टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है। इससे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) समेत आसपास के पर्यटकीय क्षेत्र को ऊंचाई मिलेगी। सैलानी सड़क-रेलमार्ग के साथ हवाई यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
प्रशासनिक स्तर पर हवाई अड्डे के विस्तार का काम भी तेजी से चल रहा। हेली टूरिज्म में वाल्मीकिनगर को राजगीर और कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर से हेलीकॉप्टर सर्विस से जोड़ा जाएगा। यह सेवा जुलाई, 2026 से 15 जनवरी, 2027 तक संचालित होगी, जिससे पर्यटकों को रियायती दरों पर हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा।
19 सीटर उड़ान सेवा की योजना
वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे से 19 सीटों वाले विमान की उड़ान की भी तैयारी चल रही है। प्रशासनिक स्तर पर हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य भी तेजी से जारी है। वर्तमान में एयरपोर्ट के लिए 45 एकड़ जमीन है, सात एकड़ की तलाश भी पूरी हो गई है।




