(नालंदा)। मजदूरी कर घर लौटने की खुशी महज दो किलोमीटर पहले ही मातम में बदल गई। बुधवार को गिरियक थाना क्षेत्र के शंभू शरण मंदिर के समीप मजदूरों से भरी एक स्लीपर बस अचानक मौत का जाल बन गई, जब उसमें तेज करंट दौड़ गया।
इस दर्दनाक हादसे में घोषरावा गांव निवासी रूदल मांझी (50) और उनकी पत्नी फूलो देवी (45) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
साइकिल का हैंडल हाईटेंशन तार से टकराया, बस में फैला करंट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में सवार सभी मजदूर बेतिया के नरकटियागंज प्रखंड स्थित चौतरवा गांव के ईंट भट्टे से काम कर अपने गांव घोषरावा लौट रहे थे।
घर से महज दो किलोमीटर पहले पावापुरी-घोषरावा मुख्य मार्ग पर शंभू शरण मंदिर के पास यह हादसा हो गया।
बताया जाता है कि सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली तार काफी नीचे झूल रही थी।
इसी दौरान बस की छत पर रखी साइकिल का हैंडल तार से टकरा गया। संपर्क होते ही पूरी बस में तेज करंट दौड़ गया और कुछ ही पलों में चीख-पुकार मच गई।
जान बचाने के लिए चलती बस से कूदे यात्री
अचानक हुए इस हादसे से बस में अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई यात्री चलती बस से ही कूद पड़े, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बस के अंदर फंसे कई लोग करंट की चपेट में आकर झुलस गए।




