19.4 C
Bhopal
spot_img

खानदानी संपत्ति पर फर्जीवाड़े का आरोप, पुश्तैनी जमीन बेचने का दावा; पीड़ित बोला- जहां बुलाया जाएगा, सबूतों के साथ हाजिर हो जाऊंगा

Date:

Share:

पटना।

बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र से खानदानी संपत्ति को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन को कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर बेच दिया गया है। मामले को लेकर परिवार के सदस्य लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी सक्षम न्यायिक अथवा प्रशासनिक मंच पर अपने सभी दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है।

पीड़ित पप्पू कुमार ने बताया कि वह थाना नेउरा, जिला पटना के निवासी हैं। उनके अनुसार जिस संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है, वह उनके पूर्वजों की खानदानी संपत्ति है। उनका दावा है कि यह जमीन चार पाटीदारों की संयुक्त पैतृक संपत्ति थी। समय के साथ परिवार के कुछ सदस्यों की मृत्यु होने और हिस्सेदारी में बदलाव के बाद संपत्ति का बंटवारा होना था, लेकिन कथित रूप से कुछ लोगों ने तीसरे हिस्सेदार के अधिकार को नकारते हुए जमीन को अपना बताकर बेच दिया।

पीड़ित का आरोप है कि परिवार के दो पाटीदार लगातार यह दावा कर रहे हैं कि तीसरे हिस्सेदार का इस जमीन पर कोई अधिकार नहीं है, जबकि उनके पास उपलब्ध वंशावली, पारिवारिक अभिलेख और अन्य दस्तावेज स्पष्ट रूप से संयुक्त स्वामित्व को दर्शाते हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मामला धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के माध्यम से खानदानी संपत्ति हड़पने का प्रयास है। पीड़ित का कहना है सी ओ पैसे लेकर गलत रसीद काट दी है

मामले में सामने आए लिखित बयानों में आकाश कुमार और संजय कुमार ने भी यह दावा किया है कि संबंधित भूमि उनकी खानदानी संपत्ति है, जिसे कथित रूप से फर्जी तरीके से बेचा गया है। दोनों का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर जांच या सुनवाई होती है तो वे अपने सभी साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को तैयार हैं।

पीड़ित ने ग्राम कचहरी द्वारा जारी वंशावली प्रमाण पत्र का भी हवाला दिया है, जिसमें परिवार के पूर्वजों और उत्तराधिकारियों का विस्तृत विवरण दर्ज होने का दावा किया गया है। उनका कहना है कि यही दस्तावेज उनके पैतृक अधिकार का सबसे बड़ा आधार है, लेकिन इसके बावजूद उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है।

पप्पू कुमार का आरोप है कि लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें देने के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका है। इससे पूरा परिवार मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक उत्तराधिकारियों के अधिकार सुरक्षित नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो सकता है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित फर्जीवाड़े से हुए भूमि हस्तांतरण की वैधानिक जांच हो तथा वास्तविक उत्तराधिकारियों को न्याय दिलाते हुए उनकी खानदानी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

Subscribe to our channel

━ more like this

साइबर-फोरेंसिक क्षेत्र में प्रशिक्षण और अनुसंधान बढ़ेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में डिजिटल प्रणालियों का उपयोग जिस गति से बढ़ रहा है , उसी गति...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय सारंगपुर गाथा का विकास एवं विमोचन किया

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में सारंगपुर की प्रमुख उपलब्धियों...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा प्रज्वलित विकास की रोशनी पूरे देश में फैल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रज्वलित विकास का दीपक पूरे देश में फैल रहा है। यह...

लाड़ली बहनों के खातों में पहुंची 40वीं किस्त आगर-मालवा जिले की 1.13 लाख से अधिक बहनें भी हुईं लाभान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य की प्रिय बहनें लाभार्थी नहीं बल्कि लाभ कमाने वाली बन रही हैं। नारी शक्तिकरण केवल नारों...

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 13 सितंबर को आगर मालवा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की 40वीं किस्त का अंतरण...
spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here