पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गुरुद्वारे के अंदर सिख कपल की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुजुर्ग सिख दंपति गुरुद्वारे में रहते थे और दोनों सेवादार थे। सेवादार गुरुद्वारे की देखरेख का काम करते हैं। बुधवार के दिन बुजुर्ग दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भारत के कई नेताओं ने पाकिस्तान के प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया था। अब पुलिस ने मुख्य संदिग्ध आरोपी को पकड़ा है।
पीड़ितों की पहचान जगन्नाथ और उनकी पत्नी अस्मा वंती के तौर पर हुई है। वे पेशावर से करीब 60 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में मर्दन जिले के बाबू मोहल्ला में गुरुद्वारे के सेवादार थे। बुधवार को गुरुद्वारे के अंदर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
अमजुगरी का रहने वाला है संदिग्ध आरोपी
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्दन डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर मसूद अहमद बंगश ने कहा कि मामले के मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। संदिग्ध की पहचान अमजुगरी के रहने वाले शेर शाह के तौर पर हुई है।
आतंकवादी संगठन से नहीं जुड़ा है आरोपी
बंगश ने कहा कि पुलिस अधिकारियों, काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट के लोगों और दूसरे सीनियर अधिकारियों वाली जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच में अब तक संदिग्ध के किसी बैन किए गए संगठन, आतंकवादी संगठन या ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हत्याओं के पीछे का मकसद अभी साफ नहीं है, और अधिकारी संदिग्ध के बयानों और अब तक इकट्ठा किए गए दूसरे सबूतों के आधार पर सभी मुमकिन एंगल से जांच कर रहे हैं।
भारतीय नेताओं ने की थी कड़ी सजा की मांग
बीजेपी नेता चरुण चुघ और अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हत्क्षेप करने की मांग की है। जत्थेदार गड़गज ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल खान अफरीदी से मामले का कड़ा संज्ञान लेने, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने और कठोर सजा दिलाने का आग्रह किया। दोनों नेताओं ने अल्पसंख्यकों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने को लेकर पाकिस्तान सरकार की आलोचना की।




