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प्रेम विवाह के ढाई साल बाद टूटा भरोसा, गर्भवती पत्नी को घर से निकाला, आठ माह का दूधमुंहा बच्चा भी छीनने का आरोप

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सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले के कनोली थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों, विश्वास और महिला सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेम विवाह कर अपने परिवार और घर-द्वार को छोड़कर पति के साथ नई जिंदगी शुरू करने वाली 20 वर्षीय संजीदा देवी आज न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पीड़िता का आरोप है कि जिस युवक के लिए उसने सब कुछ छोड़ दिया, वही आज उसे अपनाने से इनकार कर रहा है।

जानकारी के अनुसार संजीदा देवी ने लगभग ढाई वर्ष पूर्व दीपक नामक युवक से प्रेम विवाह किया था। प्रेम संबंध के बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया और विवाह कर लिया। संजीदा का कहना है कि शादी के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा और दीपक ने उसे खुश भी रखा। लेकिन समय बीतने के साथ परिस्थितियां बदलने लगीं और पति का व्यवहार उसके प्रति कठोर होता चला गया।

पीड़िता का आरोप है कि पिछले कुछ समय से दीपक उसके साथ मारपीट कर रहा था और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित कर रहा था। संजीदा का कहना है कि उसने परिवार बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन प्रताड़ना लगातार बढ़ती गई। इस बीच दंपति को एक पुत्र हुआ, जिसकी उम्र वर्तमान में लगभग आठ माह बताई जा रही है। इतना ही नहीं, संजीदा एक बार फिर गर्भवती है और जल्द ही दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली है।

संजीदा देवी का आरोप है कि गर्भावस्था की स्थिति में भी उसके साथ कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। उसने बताया कि दीपक ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और उसका आठ माह का दूधमुंहा बच्चा भी अपने पास रख लिया। पीड़िता का कहना है कि मां से उसके छोटे बच्चे को अलग कर दिया गया, जिससे वह बेहद परेशान और मानसिक रूप से टूट चुकी है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि दीपक अब उसे पहचानने तक से इनकार कर रहा है। संजीदा का कहना है कि जब उसने पति से वापस घर में रखने और बच्चे को सौंपने की गुहार लगाई तो उसने साफ कह दिया कि वह उसे नहीं जानता और अपने साथ नहीं रखेगा। इसके बाद से वह न्याय की तलाश में भटक रही है।

पीड़िता का कहना है कि उसने प्रेम के भरोसे अपना परिवार, रिश्तेदार और पुराना जीवन छोड़ दिया था। उसे उम्मीद थी कि उसका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा, लेकिन आज वह गर्भवती होने के बावजूद बेघर और असहाय महसूस कर रही है। उसका आरोप है कि उसे न केवल पति का साथ खोना पड़ा, बल्कि अपने दूध पीते बच्चे से भी दूर होना पड़ा है।

संजीदा देवी ने प्रशासन और महिला सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उसने अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उसे न्याय दिलाया जाए और उसके बच्चे को उससे मिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। पीड़िता का कहना है कि वह केवल अपने अधिकार और अपने बच्चे का साथ चाहती है।

वहीं इस मामले ने क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पीड़िता के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक गंभीर सामाजिक और मानवीय मामला है, जिसमें तत्काल संवेदनशील कार्रवाई की आवश्यकता है।

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